खानपान से जुड़े हैं ये भ्रम, सच्चाई है कुछ और, यहां जानें

नपान और शरीर पर पडऩे वाले उसके प्रभाव को लेकर जो आप या हम सोचते हैं वो पूरी तरह सही नहीं है। खानपान से जुड़ी कुछ बातें वैज्ञानिक रूप से तो सत्य हैं लेकिन कुछ बातें ऐसी भी हैं जिन्हें लेकर संदेह बना रहता है। लेकिन लोग सुनी सुनाई बातों पर विश्वास करते हैं। जानते हैं इन भ्रमों की सच्चाई के बारे में-

भ्रम : चीनी नहीं खाएंगे तो डायबिटीज से बचे रहेंगे।
सच्चाई : स्टार्च, फैट, प्रोटीन और चीनी जैसे अधिक कैलोरी वाली चीजों के ज्यादा प्रयोग से इंसुलिन की मात्रा बढ़ती है। साथ ही सोडा, पैक्ड फूड व जूस आदि अधिक लेने से शरीर में जरूरत से ज्यादा शुगर जाने से मधुमेह की आशंका भी बढ़ती है।

भ्रम : दूध के साथ कुछ भी खा सकते हैं।
सच्चाई : ऐसा नहीं है। दूध के साथ खासकर दही, नमक, इमली, करेला, खट्टे फल, नारियल तेल आदि चीजें नहीं खानी चाहिए। इन्हें साथ खाना बेमेल होता है जिससे एसिडिटी व कब्ज जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

भ्रम : खाने में ऊपर से डाला गया अधिक नमक सेहत के लिए हानिकारक होता है।
सच्चाई : नमक चाहे खाना बनाते वक्त डाला गया है या बाद में ऊपर से, उसमें मौजूद सोडियम एक समान होता है जो शरीर की क्रिया में अहम भूमिका निभाता है। वैसे तो खाना बनाते समय उसमें पर्याप्त नमक होता है, लेकिन ऊपर से डालने पर यह मात्रा अतिरिक्त हो जाती है, जो नुकसानदायक है।

भ्रम : प्राकृतिक शहद शुगर का विकल्प हो सकता है।
सच्चाई : शहद शुगर फ्री व कम कैलोरी वाला है जिसका शरीर पर नुकसान नहीं होता। जबकि ऐसा नहीं है। हालांकि शहद प्राकृतिक होता है लेकिन शुगर की तुलना में इसका ग्लाइसीमिक इंडेक्स कम है। एक चम्मच शहद से 22 कैलोरी ऊर्जा मिलती है। वहीं शुगर की एक चम्मच में 16 कैलोरी होती है। इसलिए यह चीनी का विकल्प नहीं हो सकता।

भ्रम : आयरन का बेहतर स्त्रोत सिर्फ पालक है जो रक्त की कमी पूरी करता है।
सच्चाई : पालक के अलावा कई सब्जियां शरीर में आयरन की पूर्ति करती हैं। जिस तरह 100 ग्राम पालक में 21 प्रतिशत आयरन होता है वैसे ही मेथी के पत्तों से 15 प्रतिशत, चौलाई में 20 मिग्रा., ब्रॉकली में 40 ग्राम और सरसों के साग से 7 प्रतिशत आयरन की पूर्ति होती है।

वैद्य बंकट लाल पारीक,
आयुर्वेद विशेषज्ञ, जोधपुर