पाचन से परेशान हैं, तो यह तरीका अपना सकते हैं

हैल्थ Experts रोजाना अंकुरित अनाज खाने की सलाह दे रहे हैं। ‘दी डाइट डॉक्टर’ की लेखिका और न्यूट्रीशनिस्ट ईशी खोसला ने कहा है कि स्प्राउट्स एक तरह से छोटी फूड फैक्ट्री है जो खुद में एंजाइम्स और विटामिंस का उत्पादन करते हैं। ये एंजाइम प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट को तोड़कर पाचन में मदद करते हैं। इसकी एक सर्विंग से किसी वयस्क को 40 मिग्रा. विटामिन-सी मिल सकता है। इसे नियमित खाने से शरीर में विटा मिन-बी का स्तर भी 20-30 फीसदी तक बढ़ जाता है। रोजाना नहीं खा सकते हैं तो हफ्ते में दो से तीन बार इन्हें खाया जा सकता है। ये सभी जरूरी पोषक तत्त्वों की पूर्ति करते हैं।

स्टीम बाथ से घटता हाईबीपी का खतरा
हफ्ते में 4-7 बार स्टीम बाथ लेने से ब्लड प्रेशर के स्तर में गिरावट आती है। इससे रोगों की आशंका 50 फीसदी तक घटती है। ईस्टर्न फिनलैंड यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार बाथ के दौरान शरीर का ताप मान बढऩे से धमनियों में रक्त संचार बेहतर और पसीना निकलने से विषैले तत्त्व बाहर आते हैं।

एक घंटे वर्कआउट से डिप्रेशन दूर
हफ्ते में एक घंटे वर्कआउट से डिप्रेशन दूर होता है। जर्नल ऑफ साइकिएट्री में प्रकाशित शोध में वर्कआउट और मेंटल हैल्थ के बीच कनेक्शन मिला। इसमें वर्क आउट करने और न क रने वालों को शामिल किया। जिन्होंने हफ्ते में न्यूनतम एक घंटा व्यायाम किया था उनमें डिप्रेशन कम था।

 

संभलकर करें एलोवेरा का इस्तेमाल…
अमरीका में नेशनल टॉक्सिकोलॉजी प्रोग्राम (NTP) के तहत हुए शोध में सामने आया कि एलोवेरा (ग्वार पाठा) में पीले रंग का लेटेक्स टॉक्सिक है जिससे सिर दर्द, एलर्जी व कैंसर जैसे रोगों का खतरा बढ़ता है। मेरि लेंड मेडिकल सेंटर यूनि वर्सिटी (MMCU) के अध्ययन के अनुसार एलो लेटेक्स का गर्भा वस्था के दौरान प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह यूट्राइन कॉन्टै्रक्शन पैदा करता है जिससे गर्भपात की आशंका बढ़ती है।