ब्रेन ट्यूमर हटाने में मददगार साइबर नाइफ रेडियो सर्जरी, जानें इसके बारे में

बे्रन ट्यूमर के इलाज में साइबर नाइफ तकनीक कितनी कारगर है?

साइबर नाइफ रेडियो सर्जरी सिस्टम को सर्जरी के विकल्प के रूप में प्रयोग करते हैं। यह भारत में पिछले 3-4 वर्षों से प्रयोग की जा रही है। खासकर दिमाग और स्पाइन के अलावा यह प्रोस्टेट, फेफड़े, लिवर आदि के कैंसर युक्तव कैंसर रहित ट्यूमर के प्रबंधन में दूसरे इलाज के साथ भी अहम भूमिका निभाता है।

यह थैरेपी कैसे काम करती है?

आधारभूत रूप से साइबर नाइफ रेडिएशन सर्जरी विकसित, नॉन-इनवेसिव रेडिएशन थैरेपी टूल हैै। इसमें रेडिएशन की हाई डोज किरणें सीधे टयूमर पर दी जाती हैं। जिसके लिए इमेज गाइडेंस सिस्टम का भी प्रयोग होता है। इसमें कोई खतरा व दर्द नहीं होता।

इसकी सफलता दर क्या है?

इस थैरेपी की सफलता दर अधिक है। हालांकि, जिन ट्यूमर का आकार लगभग 2-2.5 से.मी. होता है, उनके लिए खासकर उपयुक्त है। बे्रन ट्यूमर के कुछ दुर्लभ मामले जैसे जिनमें ट्यूमर को उनकी स्थिति के कारण सर्जरी से नहीं निकाल सकते या उन मरीजों के लिए, जिनकी खराब मेडिकल स्थिति के कारण ब्रेन कैंसर सर्जरी नहीं की जा सकती।

इस तकनीक के फायदे क्या हैं?

इसकी अगली जनरेशन-एम-6 देश में पहले प्रयोग की जाने वाली सर्जरी की तुलना में प्रभावी है। इसमें रेडिएशन की अधिकतम डोज को कई कोणों से सीधे ट्यूमर तक पहुंचाते हैं। ये कैंसर सेल्स को नष्ट कर ट्यूमर के विकास को नियंत्रित (ट्यूमर सिकुड़ जाता है) करती हैं। ये लक्षित कोशिकाओं को बढऩे से रोकती हैं।

आइए जानते हैं कि ब्रेन ट्यूमर क्या है?

ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाओं का एक संग्रह या द्रव्यमान है। आपकी स्कल, जो आपके मस्तिष्क को घेरती है, बहुत कठोर है। इस तरह के सीमित स्थान में कोई भी वृद्धि समस्याओं का कारण बन सकती है।ट्यूमर कैंसरयुक्त (घातक) या गैर-कैंसर (सौम्य) हो सकता है। जब सौम्य या घातक ट्यूमर ग्रो करते हैं, तो वे आपकी स्कल के अंदर दबाव बढ़ा देते हैं। यह मस्तिष्क में क्षति पैदा कर सकता है, और यह जीवन को खतरे में डाल सकता है।यूं तो सिरदर्द होना एक आम बात है, लेकिन ध्यान रहें अगर सिरदर्द की समस्या बहुत अधिक है तो यह ब्रेन ट्यूमर का एक प्रमुख लक्षण भी हो सकता है। इस खतरनाक बीमारी की पहचान अगर पहले ना हुई तो इंसान की जिदंगी खतरे में हो जाती है। इस एडवांस दुनिया में सजर्री इसका प्रमुख इलाज है।

लक्षण

दिमाग की गिल्टी जिसे हम ब्रेन ट्यूमर भी कहते हैं, इसके लक्षण तब दिखने शुरू हो जाते हैं जब उसके द्वारा ली गई जगह दिमाग पर दबाव डालना शुरू करती है या फिर वह जिस क्षेत्र में पनप रहा हो वहां के कार्य करने की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर रहा हो। ध्यान रहें, अगर समय रहते इसका इलाज नहीं कराया गया तो यह जानलेवा साबित हो सकती है।

  • हमेशा सिर दर्द की शिकायत रहना और उल्टी होना
  • चलते समय लडखड़ा जाना
  • याददाश्त कमजोर होना
  • स्वभाव में बदलाव दिखना
  • दौरे पड़ना
  • बोलने, सुनने या दिखने में परेशानी होना
  • जी मचलाना
  • डर लगना
  • गले में अकड़न होना
  • चेहरे के कुछ भागों में कमजोरी महसूस होना और वजन एकाएक बढ़ जाना।