संभलकर करें एलोवेरा का इस्तेमाल…

अमरीका में नेशनल टॉक्सिकोलॉजी प्रोग्राम के तहत हुए शोध में सामने आया कि एलोवेरा (ग्वारपाठा) में पीले रंग का लेटेक्स टॉक्सिक है जिससे सिरदर्द, एलर्जी व कैंसर जैसे रोगों का खतरा बढ़ता है। मेरिलेंड मेडिकल सेंटर यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार एलो लेटेक्स का गर्भावस्था के दौरान प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह यूट्राइन कॉन्टै्रक्शन पैदा करता है जिससे गर्भपात की आशंका बढ़ती है।

स्टीम बाथ से घटता हाईबीपी का खतरा
ह फ्ते में 4—7 बार स्टीम बाथ लेने से ब्लड प्रेशर के स्तर में गिरावट आती है। इससे रोगों की आशंका 50 फीसदी तक घटती है। ईस्टर्न फिनलैंड यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार बाथ के दौरान शरीर का तापमान बढऩे से धमनियों में रक्तसंचार बेहतर और पसीना निकलने से विषैले तत्त्व बाहर आते हैं।

एक घंटे वर्कआउट से डिप्रेशन दूर
हफ्ते में एक घंटे वर्कआउट से डिप्रेशन दूर होता है। जर्नल ऑफ साइकिएट्री में प्रकाशित शोध में वर्कआउट और मेंटल हैल्थ के बीच कनेक्शन मिला। इसमें वर्कआउट करने और न करने वालों को शामिल किया। जिन्होंने हफ्ते में न्यूनतम एक घंटा व्यायाम किया था उनमें डिप्रेशन कम था।

कभी थोड़ा ज्यादा भी सो लेना चाहिए
एक शोध के अनुसार तनख्वाह में बढ़ोतरी से भी आपको उतनी खुशी नहीं होती, जितनी एक घंटा ज्यादा सोने से होती है। अमरीकी मनोवैज्ञानिक के मुताबिक रात को एक घंटे ज्यादा सोना किसी इंसान के लिए कई करोड़ रुपए कमाने से भी ज्यादा सुकून देने वाला है। रोजमर्रा में ऐसा न कर पाएं तो छुट्टी वाले दिन कर सकते हैं।

बैंगन में होते हैं कैंसरविरोधी गुण
खनिज और विटामिन्स से भरपूर बैंगन में ऐसे कई तत्त्व भी पाए जाते हैं जो कैंसर से लडऩे में सहायक हैं। अधिक फाइबर होने के कारण यह मधुमेह रोगी के लिए फायदेमंद है। -आचार्य बालकृष्ण

 

आपको बता दें कि बैरिएट्रिक सर्जरी विशेष रूप से 10 साल से कम अवधि से चली आ रही प्रक्रिया है जो डायबिटीज को ठीक कर देती है। इस सर्जरी को कराने से डायबिटीज कितनी नियंत्रण में आएगी उसका पता कई कारकों से लगाया जाता है और उनमें से एक प्रमुख है सी पेप्टाइट लेवल, जिसकी जांच सर्जरी के पहले की जाती है।