बुद्धिमत्ता की परीक्षा – Birbal’s Test – Birbal Stories For Kids in Hindi

Birbal's Test - Birbal Stories For Kids in Hindiपर्शिया के राजा के महल में आने वाला हर व्यक्ति बीरबल और उनकी बुद्धिमता की बहुत तारीफ किया करता था इसलिए उस राजा ने बीरबल से मिलने का निश्चय किया.

उसने शहंशाह अकबर को एक पत्र लिखा और उसमें बीरबल को अपने यहां पर मेहमान के रूप में भेजने की विनती की और शहंशाह भी बीरबल को भेजने के लिए राजी हो गए.

अपने साथ बहुत सारे उपहार लेकर बीरबल ने पर्शिया के राजा को मिलने की यात्रा शुरू की. जब बीरबल पर्शिया पहुंचे तो वहां के कर्मचारियों ने बीरबल का स्वागत किया और कहा हमारे राजा आपसे मिलने के लिए उत्सुक हैं.

बीरबल जैसे ही महल के अंदर गए वे आश्चर्य में पड़ गए. उन्होंने देखा कि एक जैसे सिंहासन पर एक ही तरह की पोशाक पहने हुए एक ही तरह के लोग बैठे हुए थे.

बीरबल ने आज से पहले राजा को कभी नहीं देखा था इसलिए वे सोच में पड़ गए कि इनमें से असली राजा कौन है? कुछ देर सोचने के बाद उन्होंने एकाग्रता से सब की ओर देखा और असली राजा को पहचान लिया.

इसके बाद उन्होंने असली राजा को प्रणाम किया. राजा यह सब देखकर आश्चर्यचकित हुए. उन्होंने बीरबल से पूछा कि तुमने मुझे कैसे पहचाना.

बीरबल ने कहा – पहले तो मैं सोच में पड़ गया लेकिन मैंने देखा कि आप सभी में से सिर्फ आप ही मुझे देख रहे थे और बाकी सब आपकी तरफ देख रहे थे. इससे मुझे अंदाजा हो गया कि आप ही राजा है. पर्शिया के राजा ने बीरबल की बुद्धिमता की तारीफ की और उनका खूब आदर सत्कार किया.

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 Akbar Birbal Stories in Hindi